TellAria

धुएँ में लिपटा शहर

क्या वह ताक़तवर लोगों से टकराए या चुप रहे।

Beginning

सूरजगंज शहर पर हमेशा एक धुँधली, ज़हरीली चादर तनी रहती थी।

शहर के किनारे खड़ी अग्रवाल केमिकल्स की विशाल चिमनियाँ, दिन-रात एक काला धुआँ उगलती थीं। और उसी धुएँ के नीचे, शहर का सरकारी अस्पताल मरीज़ों से भरा पड़ा था।

डॉ. अरुण वर्मा पिछले कई हफ़्तों से एक अजीब पहेली से जूझ रहा था। एक रहस्यमय बीमारी शहर में फैल रही थी — लोगों को साँस लेने में तकलीफ़ होती, उनके फेफड़े जकड़ जाते, बच्चों की आँखों की रौशनी कमज़ोर पड़ने लगती। हर दिन नए मरीज़ आ रहे थे, और डॉक्टरों के पास कोई जवाब नहीं था।