गुमशुदा चाबी
क्या नायक उस दरवाज़े को ढूँढे या चाबी फेंक दे।
Beginning
हमारा छात्रावास बहुत पुराना है। इतना पुराना कि दीवारों पर बनी दरारें भी किसी कहानी जैसी लगती हैं। मेरा नाम कबीर है, और मैं यहाँ नौवीं कक्षा से रह रहा हूँ। मुझे पुरानी चीज़ें हमेशा से अच्छी लगती हैं — पुरानी किताबें, पुरानी तस्वीरें, और वे राज़ जो पुरानी इमारतें अपने अंदर छिपाकर रखती हैं।
उस शाम बिजली चली गई थी। मैं मोमबत्ती लेकर तीसरी मंज़िल के उस अँधेरे गलियारे से गुज़र रहा था, जहाँ बहुत कम लोग जाते हैं। गलियारे के आख़िर में वह हिस्सा है जिसे सब "पुराना विंग" कहते हैं — एक बंद, धूल भरा हिस्सा जो सालों से इस्तेमाल नहीं हुआ। तभी मोमबत्ती की रोशनी में फ़र्श पर कुछ चमका।
मैं झुका। वह एक चाबी थी। पर आम चाबी नहीं। यह पीतल की एक बहुत पुरानी, नक़्क़ाशीदार चाबी थी। उसके सिरे पर एक छोटा-सा फूल बना हुआ था, और उस पर धुँधले अक्षरों में कुछ लिखा था जो मैं पढ़ नहीं पाया। चाबी ठंडी और भारी थी। न जाने कितने सालों से वह इस धूल में पड़ी थी।