TellAria

चोरी हुई घड़ी

क्या वह चुप रहे या असली चोर को ढूँढे।

Beginning

मेरा नाम राहुल है। मैं आठवीं कक्षा में पढ़ता हूँ। मेरा स्कूल छोटा है, पर मुझे अच्छा लगता है। शुक्रवार की सुबह थी। मौसम ठंडा था। मैं जल्दी कक्षा में पहुँच गया।

करण मेरे बगल वाली बेंच पर बैठता है। आज वह बहुत खुश था। उसके हाथ में एक नई घड़ी थी। घड़ी चमक रही थी। "यह मेरे पापा ने दी है," करण ने कहा। "यह बहुत महँगी है।" सब बच्चे घड़ी देखने आए। सोनू ने हँसते हुए कहा, "वाह, करण! अब तुम राजा हो।" सोनू हमेशा मज़ाक करता है।

विकास हमारा मॉनिटर है। वह घड़ी को देर तक देखता रहा। "ऐसी घड़ी बहुत संभालकर रखनी चाहिए," उसने धीरे से कहा। करण ने घड़ी अपनी बेंच पर रख दी। घड़ी का पट्टा थोड़ा ढीला था। "अभी नई है, बाद में ठीक करा लूँगा," करण बोला।